Wednesday, 26 September 2012

- जब एक कीप में एक टेबल टेनिस की गेंद (पिंग-पोंग बाल) की गेंद रख कर ऊपर की तरफ जोर से मुहँ से फूँक मारते हैं तो दर्शक ये सोचते है कि गेंद ऊपर जायेगी परन्तु ये क्या गेंद ऊपर नहीं जाती बल्क कीप में ही गोल गोल घुमती रहती है सब आश्चर्यकरेंगे | अब कीप को अपने शारीर के लम्बवत ले कर फूंक मारते है ये क्या गेंद नीचे नहीं गिरती बल्क कीप में ही गोल गोल घुमती रहती है अब भी सब आश्चर्य करेंगे | अब सब ये कहेंगे कि कीप को नीचे कीतरफ कर के फूँक मारो लो जी ऐसा भी करते है | ये क्या गेंद अब भी नीचे नहीं गिरी देखो बल्क कीप में ही गोल गोल घुमती रहती है अब सब ने कहा ऐसा क्यों ? ऐसा क्यों ?? ऐसा बरनौली का सिद्धांत Bernoulli's Principle के अनुसार कीप नली से तेज बहाव के साथ हवा गेंद के चारों और से निकलेगी और तो वायु दबाव कम होगा परन्तु गेंद के ऊपर लम्बवत लगने वाला वायु दबाव उसे उठने नहीं देगा और न ही नीचे गिरने देगा मेरे खयाल से सही व्याख्या यह है - कुप्पी की नली में हवा का वेग अधिक है तथा 'शंक्वाकार भाग' (कोन) में आते ही हवा का वेग कम हो जाता है। इसलिये नली के अन्दर दाब कम और शंक्वाकार भाग में दाब अधिक होगा । गेंद पर अधिक दाब से कम दाबकी तरफ बल लगता है - अर्थात गेंद नली में घुसने का प्रयत्न करती है।

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